भारत ने 2023 में जी-20 की अध्यक्षता संभाली है। यह समय वैश्विक महामारी के बाद के दुनिया के परिदृश्य में कई चुनौतियाँ लेकर आया है, जैसे भू-राजनैतिक तनाव, युद्ध, बढ़ता वैश्विक कर्ज, संभावित मंदी का डर, वैश्विक खाद्य असुरक्षा, जलवायु और जैव विविधता के साथ पर्यावरण संकट, और कई राष्ट्रों में लोकतांत्रिक अधिकारों की अवमानना। लेकिन, जी-20 की प्रक्रियाएँ एक विरोधाभास को उजागर कर रही हैं- एक तरफ है ‘मदर ऑफ़ डेमोक्रेसी’ का नारा लग रहा है, वहीं लाखों लोग इस आयोजन की तैयारी के चलते शहरी सुंदरीकरण के लिए विस्थापित किये जा रहे हैं।
हर शहर, हर दस्तावेज़ में अब जी-20 का चिन्ह लगा हुआ है और वर्तमान सरकार यह दिखा रही है कि देश वैश्विक निर्णय लेने की प्रक्रियाओं के मंच पर आ चुका है। यह पुस्तिका जी-20 के एक अवलोकन के रूप में प्रस्तुत की जा रही है। यह जी-20 के उभार से लेकर आर्थिक मामलों के निर्णयों पर जी-20 के प्रभाव का सारांश रखने का प्रयास है।
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